Month: January 2021

मुँह में छाले

पहला प्रयोग : पान में उपयोग किया जाने वाला कोरा कत्था लगाने से छालों में राहत मिलती हैं | दूसरा प्रयोग : सुहागा एवं शहद मिलाकर छालो पर लगाने से या मुलहड़ी का चूर्ण चबाने से छालों में लाभ होता है | तीसरा प्रयोग : मुँह के छालों में त्रिफला की राख शहद में मिलकर लगायें | थूक […]

दाँत की सफाई तथा मजबूती

पहला प्रयोग : नीबू के छिलको को थोड़ा सा सरसो का तेल डालकर दाँत और मसूड़ों को घिसने से दाँत सफ़ेद एवं चमकदार होते हैं, मसूड़े मजबूत होते हैं, हर प्रकार के जीवाडुओं का नाश है तथा पायरिया आदि रोगो से बचाव हैं |     दूसरा प्रयोग : नीम, बबूल, बोलसिरि (मौलसिरी), बड़ और करंज  की दातुन करने […]

कान मे पीब (मवाद) होने पर

पहला प्रयोग : फ़ुलाये हुये सुहागे को पिस्कर कान मे डाल कर उपर से नीबू के रस की बुन्द डालने से मवाद निकल्ना बन्द होता है । दुसरा प्रयोग : शुध सरसो या तिल के तेल मे लेह्सुन की कलियो को पका कर 1-2 बुन्द सुबह-शाम कान मे डालने से फ़ाय्दा होता है |

नकसीर (नाक से रक्त गिरना)

पहला प्रयोग : तवे पर फुलाई हुई फिटकरी पानी में मिला कर उसकी कुछ बूँदें अथवा दूर्वा के रस की या नीबोली के तेल की कुछ बूंदे नाक में डालने से नकसीर में लाभ होता है | दूसरा प्रयोग : 10 से 50 मिलिलिटर हरे आंवले के रस में 2 से 10 ग्राम मिश्री मिलाकर […]

नेत्र्ज्योति बढ़lने के लिये (आँखों की रोशनी बढ़ाने के उपाए)

पहला प्रयोग : इन्द्रावरणा (बड़ी इन्द्रफ़ला) के फ़ल को काट कर अन्दर से बिज निकाल दे । इन्द्रावरणा की फांक को रात्रि में सोते समय लेटकर ललाट पर बांध ले । आँखों में उसका पानी न जाये, यह साबधानी रखे । इस प्रयोग से नेत्रज्योति बढ़ती है। दूसरा प्रयोग : त्रिफला चूर्ण को कम से कम 2 घंटे पानी में भिगोकर, […]

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