पहला प्रयोग : दशमूल, अखरोट अथवा कड़वी बादाम के तेल की बूंदे कान में डालने से बहरेपन में लाभ होता है |
दूसरा प्रयोग : ताजे गोमूत्र में एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर हररोज कान में डालने से आठ दिनों में हो बहरेपन में लाभ होगा है |
तीसरा प्रयोग : आकड़े के पके हुए पीले पत्तो को साफ़ करके उस पर सरसो का तेल लगाकर गर्म करके उसका रस निकालकर दो – तीन बूँद हर रोज सुबह – शाम कान में डालने से बहरेपन में फायदा होता है |
चौथा प्रयोग : करेले के बीज और काला जीरा सामान मात्रा में मिलाकर पानी में पीसकर उसके रस की दो – तीन बूँदे दिन में दो बार कान में डालने से बहरेपन में फायदा होता है |
पांचवा प्रयोग : कम सुनाई देता हो तो कान में पंचगुण तेल की तीन – तीन बुँदे दिन में तीन बार डाले | ओषधि में सारिवादी वटी दो – दो गोली सुबह – शाम, दोपहर तथा रात को ले | कब्ज न रहने दे | भोजन में दही , केला , फल व मिठाई ले |