स्वेतप्रदर (सफ़ेद दाग)

श्वेतप्रदर में पहले तीन दिन तक अरंडी का १ – १ चमच तेल पीने के बाद ओषदि आरम्भ करने पर लाभ होगा स्वेतप्रदर के रोगी को सख्ती से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए | 

पहला प्रयोग : आंवला पावडर में मिश्री मिला कर 2  से 4  ग्राम चूर्ण के सेवन से अथवा चावल के धोवन में जीरा और मिश्री के आधा – आधा तोला चूर्ण का सेवन करने से लाभ होता है | 

दूसरा प्रयोग : पलाश (टेसू) के 10 से 15 फूल को 100 से 200 मिलीलीटर पानी में भिगोकर उसका पानी पीने से अथवा गुलाब के 5 ताजे फूलो को सुबह शाम मिश्री के साथ खाकर ऊपर से गाय का दूध पीने से प्रदर में लाभ होता है | 

तीसरा प्रयोग : बड़ की छाल का 50 मिलीलीटर काढ़ा बनाकर उसमे 2 ग्राम लोध्र चूर्ण डालकर पीने से लाभ होता है | इसीसे योनि-प्रच्छालन करना चाहिए | 

चौथा प्रयोग : जामुन के पेड़ की जड़ो को चावल के मांड में पीसकर एक एक चमच्च सुबह शाम देने से स्त्रियों को पुराना प्रदर मिटता है | 

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