पहला प्रयोग : पान में उपयोग किया जाने वाला कोरा कत्था लगाने से छालों में राहत मिलती हैं |
दूसरा प्रयोग : सुहागा एवं शहद मिलाकर छालो पर लगाने से या मुलहड़ी का चूर्ण चबाने से छालों में लाभ होता है |
तीसरा प्रयोग : मुँह के छालों में त्रिफला की राख शहद में मिलकर लगायें | थूक से मुँह भर जाने पर उससे ही कुल्ला करने से छालों में राहत मिलती है |
छाले कब्जियत, जठ में पित्तप्रकोप अथवा जीर्ण ज्वर के कारण होते है अतः इन रोगो का उपचार करे | तली चीजे खाना बंद करे | 10 ग्राम त्रिफला खाने से पित्तदोष मिटता है | इससे मुँह के छाले मिट जायेंगे |